यदि परिवार में पूर्वजों की आत्मा को शांति नहीं मिली है, या लगातार तीन पीढ़ियों के पितरों का श्राद्ध सही से नहीं हुआ है, तो त्रिपिंडी श्राद्ध (Tripindi Shradh) किया जाता है।
त्रिपिंडी श्राद्ध क्यों जरूरी है?
यह एक काम्य श्राद्ध है। जब पितरों की आत्माएं प्रेत रूप में भटकती हैं और परिवार के सदस्यों को कष्ट देती हैं (जैसे संतान उत्पत्ति में बाधा, बीमारी), तो त्रिपिंडी श्राद्ध ब्रह्मा, विष्णु और महेश के निमित्त तीन अलग-अलग पिंड (जौ, चावल, काले तिल) बनाकर किया जाता है।
पूजा का कुल खर्च
मोक्ष सेवा गया में त्रिपिंडी श्राद्ध पूजा का कुल खर्च लगभग ₹11,000 है, जिसमें योग्य पंडित जी, पूर्ण पूजा सामग्री, और 1 ब्राह्मण भोजन शामिल है।