हिंदू धर्मग्रंथों में गया को 'पितृ तीर्थ' कहा गया है। महाभारत और गरुड़ पुराण में लिखा है कि गया भूमि पर पैर रखने मात्र से ही मनुष्य के पितर प्रसन्न हो जाते हैं। आइए जानते हैं गया जी में पिंडदान करने के विशेष लाभ क्या हैं।
पितरों की मुक्ति और मोक्ष (Salvation)
कहा जाता है कि यदि किसी मनुष्य की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा को शांति नहीं मिली है, या वह प्रेत योनि में भटक रहा है, तो गया जी में पिंडदान करने से उसे तुरंत मुक्ति मिल जाती है और वह मोक्ष को प्राप्त होता है।
पितृ दोष निवारण (Remedy for Pitru Dosha)
कुंडली में पितृ दोष होने पर जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं, जैसे संतान सुख में बाधा, धन की कमी, विवाह में देरी या बीमारियां। गया जी में विधि-विधान से किया गया श्राद्ध पितृ दोष को पूरी तरह समाप्त कर देता है।