गया धाम में मुख्य रूप से 45 वेदियों पर पिंडदान करने का शास्त्रीय विधान है। प्राचीन समय में यहां 360 वेदियां थीं, लेकिन वर्तमान समय में 45 वेदियां ही प्रमुख रूप से सक्रिय हैं।
मुख्य वेदियों की सूची:
- विष्णुपद वेदी: मुख्य चरण शिला जहां भगवान विष्णु के पैर स्थित हैं।
- फल्गु वेदी: नदी का तट जहां बालू के पिंड दिए जाते हैं।
- अक्षयवट वेदी: अंतिम स्थान जहां पितर सदा के लिए तृप्त होते हैं।
- प्रेतशिला: भटकती आत्माओं और अकाल मृत्यु पूर्वजों के लिए पहाड़ी पर स्थित वेदी।
- रामशिला: भगवान राम द्वारा स्थापित वेदी।
- सीताकुंड: फल्गु के दूसरे किनारे जहां माता सीता ने बालू का पिंड दिया था।
इन वेदियों पर पिंडदान करने के लिए 3 दिन से लेकर 17 दिन का समय लग सकता है।