Call: +91 6299873340 WhatsApp: +91 8969363392 Seva Timing: 24×7
Traditional Pinddaan & Tarpan Seva in Gaya Ji
Guides

फल्गु नदी में तर्पण और अक्षयवट के नीचे पिंडदान की विधि

Published: 2026-07-17 By Aniket Mishra

गया जी के तीन मुख्य धामों में फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट शामिल हैं। इन तीनों स्थलों पर अलग-अलग विधियों से पूजा की जाती है।

फल्गु नदी में तर्पण और बालू का पिंड

फल्गु नदी को 'अंतःसलिला' कहा जाता है क्योंकि यह ऊपर से सूखी दिखती है पर इसके नीचे जल बहता रहता है। माता सीता के शाप के कारण यह नदी सूखी रहती है। यहां पर रेत (बालू) खोदकर जल निकाला जाता है और उसी से तर्पण और बालू के पिंड बनाए जाते हैं।

अक्षयवट (Akshayvat) - शाश्वत शांति

अक्षयवट एक अमर बरगद का पेड़ है। माता सीता ने इसे दीर्घायु और अमरता का वरदान दिया था। पिंडदान की अंतिम प्रक्रिया यहीं पूरी होती है। माना जाता है कि अक्षयवट के नीचे किए गए पिंडदान से पूर्वज हमेशा के लिए तृप्त हो जाते हैं (अक्षय तृप्ति)।

Fulfill Rites of Pind Daan in Gaya

Connect with our coordinator Aniket Mishra to book certified local pandits, standard packages, and lodging facilities.

Book Seva Slot Chat on WhatsApp

Read Related Articles

Religious Significance

गया में पिंडदान (Pind Daan) क्यों किया जाता है? पौ...

जानिए गया जी में पिंडदान और श्राद्ध करने के पौराणिक कारण, गयासुर राक्षस की कथा और भगवान वि...

Read More
Guides

पिंडदान (Pind Daan) क्या है? जानिए इसका धार्मिक मह...

पिंडदान क्या होता है? जानिए जौ के आटे, काले तिल और कुश से पिंड बनाने की विधि और गया जी में...

Read More
Religious Significance

गया जी (Gaya Ji) में पिंडदान (Pind Daan) का धार्मि...

गया धाम में पिंडदान करने के क्या लाभ हैं? जानिए कैसे पितरों को मोक्ष मिलता है और परिवार को...

Read More